“जुल्म करने वाले से जुल्म सहने वाला ज्यादा गुनेह्गर होता है”

डा० बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर

राष्ट्र के किसी न किसी कोने में क्रूर , तानाशाही , भ्रष्टाचारी , अत्याचारी ,सामंती सोच एवं स्वभाव वाले शक्तियों द्वारा दिन प्रतिदिन अत्याचार का शिकार होने वाले – अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , पिछड़ा वर्ग , अल्पसंख्यक समाज के लोंगों के प्रति समर्पित देश के भाइयों बहिनों मेरा सन्देश है :

संघर्ष करो, और खूब संघर्ष करो, त्याग करो और खूब त्याग करो! अपनी तरफ न देखकर उन दलित शोषित समाज के प्रति देखकर संघर्ष करो और संघर्ष ही तुम्हें तुम्हारे दुःखो से मुक्ति दिला सकता है। मानवता केवल संघर्ष और त्याग से प्राप्त की जा सकती है। बिना अग्नि-पथ पर चले न तो मनुष्यत्व और न ही देवत्व प्राप्त हो सकता है। जिस प्रकार सोना आग से शुद्धी होती है। उसी प्रकार कष्ट और संघर्ष से व्यक्ति ताकतवर होता है।

कोई भी दलित – शोषित व्यक्ति तब तक महान नही बन सकता, जब तक वह कष्ट और संघर्ष के लिए तैयार नही हो जाता । मै धन्य हूँ । और अनुभव करता हूँ जिन लोगों में मेरा जन्म हुआ। उसका उधहार करना हमारा कर्त्तव्य है | धन्य है वे दलित शोषित , पिछड़े अल्पसंख्यक के लोग जो गुलामी का खत्म करने के लिए सब कुछ न्यौछावर करते है।

धन्य है वे जो सुख-दुख, मान और सम्मान, कष्ट और कठिनाइयों, आंधी और तूफान, जुल्म अन्याय , अत्याचार की परवाह किये बिना “अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , पिछड़ा वर्ग , अल्पसंख्यक समाज के लोग एक जुट होकर तब तक संघर्ष करते रहेंगे जब तक जुल्म , ज्यादती, अन्याय , अत्याचार , ऊँच नीच, छुआ छूत, भ्रष्टाचार , सामंतवादी , तानाशाही , क्रूरता का अंत न हो जाये “

राजेश कुमार सिद्धार्थ

चैयरमैन /अध्यक्ष

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , पिछड़ा वर्ग , अल्पसंख्यक विकास परिषद्